► हम तीन भाई हैं। पिताजी एक जमीन पर मिटटी का घर 50 साल पहले बनाये थे और हमलोग रह भी रहे थे। लेकिन उस जमीन का रजिस्ट्री नहीं हो पाया था।फिर पिताजी चल बसे। कुछ दिनों के बाद फिर अपना रैयती जमीन जो पांच डिस्मिल है उस पर सामूहिक घर पक्का का बना।समय बीतने के साथ बडा भाई जबरदस्ती चार डिस्मिल पर जो खतियानी जमीन ही है अकेला घर बना लिया। हमलोगों के विरोध के बाद बडा भाई बंटवारे के लिए तैयार हुआ। बंटवारा तीनों भाइयों के बीच लिखित सादा कागज पर 2021 में हुआ। समझौते के अनुसार पिताजी जिस जमीन का रजिस्ट्री नहीं कराये थे वह हिस्सा हम-दोनों भाई को मिला।सभी भाई अपने अपने हिस्सा पर काबिज भी हो गये। कुछ दिन के बाद 2025 जनवरी में हम तीनों भाई मिलकर रजिस्ट्री करवा लिए जिसका अब तक रजिस्ट्री नहीं हो पाया था। जिसमें बडा भाई अपनी पत्नी का नाम दे दिया।अब बडा भाई कहता है कि रजिस्ट्री में हमारी पत्नी का नाम है।हमे वहां भी हिस्सा चाहिए। तीनों जमीन रोड पर है। पांच डिस्मिल जमीन का फ्रंट 30 फीट है और चार डिस्मिल जिस पर बडा भाई बिना सहमति के घर बनाया है उसका फ्रंट 25 फीट है। मतलब हम-दोनों भाई को 15-15 फीट फ्रंट और बडा भाई अकेले 25 फीट फ्रंट ले लिया।हम झारखंड से है
11 views
0 answers
0 Answers
No answers yet. Be the first to answer this question!
Log in as a legal professional to answer this question.