मैं अपने पैतृक संपत्ति पर अपना हक और चाचा के बेटे के खिलाफ कैसा कदम लू
Jul 11, 2026
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Real Estate Law
► मैं कोलकाता में निवास करती हूँ। मेरा मायका ग्राम अहिरौली, जिला बक्सर , बिहार है, मेरे माता-पिता की चार बेटी एवं एक बेटा था। मैं हमेशा अपने माता-पिता एवं भाई की आर्थिक तथा हर संभव सहायता करती रही। 1996 में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।
मेरे पिता विकलांग थे, और उन्होंने मेरी माता को पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी। मेरी माता ने वर्ष 2004 में मुझे 16 डिसमिल भूमि बक्शीश के माध्यम से दी, जिस पर मेरी माता के हस्ताक्षर तथा मेरी तीसरी बहन की गवाही है।
इसके बाद मेरे चाचा के छोटे पुत्र ने लगभग 10 वर्ष आयु कम दर्शाई तथा फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट सहित अन्य जाली दस्तावेज तैयार कर स्वयं को मेरे पिता का पुत्र दर्शाया। उसने अपने नाम अवैध जमाबंदी कराई और पैतृक भूमि बेचनी शुरू कर दी। वर्ष 2005 में उसने मेरे पिता से मेरे विरुद्ध बक्सर सिविल कोर्ट में झूठा टाइटल सूट दायर कराया कि मैंने अपनी अनपढ़ माता से धोखे से जमीन लिखवा ली। यह वाद आज भी लंबित है। वर्ष 2008 में गिफ्ट डीड की गवाह मेरी बहन का निधन हो गया। वर्ष 2010 में उसने मेरी माता से 50% भूमि अपने नाम गिफ्ट डीड कराई तथा मेरी बहनों और अशिक्षित बहनोई के हस्ताक्षरों का दुरुपयोग किया। इसके आधार पर उसने अपने पुराने एवं बदले हुए दोनों नामों से लगातार भूमि की बिक्री की। वर्ष 2022 में मेरी माता का निधन हो गया। वर्ष 2025 में मैंने अपने वैधानिक हिस्से हेतु विभाजन वाद दायर किया, किंतु विपक्ष न्यायालय में उपस्थित नहीं होता और विवादित भूमि की बिक्री लगातार जारी रखे हुए है। मेरी गिफ्ट डीड वाली भूमि बेचने का प्रयास करने पर भी वह झूठे मुकदमे का भय दिखाकर बाधा उत्पन्न करता है।
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